स्वतन्त्रता दिवस (15 अगस्त)

15 अगस्त 1947 से पहले भारत पर अंग्रेज़ों का राज था। अंग्रेज़ों ने भारत छोड़ दिया और वे ब्रिटेन चले गए।  तब से, भारत हर साल १५ अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है। इस दिन जगह-जगह तिरंगा झंडा फहराया जाता है। यह हर भारत वासी के लिए ख़ुशी का दिन होता है। इस अवसर पर, यहाँ एक भाई-बहन की बातचीत का एक छोटा सा हिस्सा प्रस्तुत है। 

नोट : रितेश और शुभी भाई-बहन हैं। रितेश एक राष्ट्रीय ध्वज बना रहा है। उसकी छोटी बहन शुभी आती है। वह रितेश से पूछती है। 

शुभी : भईया, आप क्या कर रहे हैं ?
रितेश : कल, 15 अगस्त है। यह हमारा स्वतंत्रता दिवस है। मैं एक झंडा बना रहा हूँ।
शुभी : क्या मैं इसे बनाने में आपकी मदद करूँ ?
रितेश : ओह, हाँ, क्यों नहीं! आ जाओ। हम इसे मिलकर बनाएँगे। शुभी, क्या तुम जानती हो कि, झंडे में तीन रंगों का क्या महत्त्व है?
शुभी : नहीं, मैं नहीं जानती। क्या आप मुझे बता सकते हैं ?
रितेश : हमारे झण्डे का नारंगी रंग बलिदान का सफेद रंग शांति का और हरा खुशहाली का प्रतीक है।
शुभी : सफेद पट्टी में एक नीला चक्र है। इसका के मतलब है?
रितेश : सफेद पट्टी के मध्य में यह अशोक चक्र है। इस चक्र में 24 तीलियाँ हैं। यह दिन के 24 घंटों को दर्शाते हैं।
शुभी : आप इस झंडे का कल क्या करेंगे ?
रितेश : कल हमारे स्कूल में एक परेड होगी। राष्ट्रीय ध्वज फहराया जायेगा और हम राष्ट्रगान गाएँगे।

शुभी : इस दिन और क्या किया जाएगा?
रितेश : इस दिन हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों की बहादुरी के कार्यों को सलाम करते हैं। भगत सिंह, गाँधी, सरदार पटेल, रानी लक्ष्मी बाई, अशफ़ाक़ उल्ला खान जैसे बहुत से लोगों ने एक लम्बी लड़ाई लड़ी। और, वे भारत को एक स्वतंत्र देश बना सके।
शुभी : रितेश, क्या आप किसी कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं ?
रितेश : हाँ, मैं एक भाषण दूँगा । 
शुभी : आप अपने भाषण में क्या कहेंगे?
रितेश : मैं अपने स्वतंत्रता सेनानियों को याद करूँगा। साथ ही, अपने अधिकारों और कर्तव्यों को याद करूँगा।
शुभी : हमारे अधिकार क्या होते हैं ?
रितेश : डॉ. आम्बेडकर ने जब संविधान लिखा तब देश में रहने वाले हर किसी को बराबर बना दिया। 
शुभी : कर्तव्य क्या होते हैं ?
रितेश : हमें अपने देश के लोगों के लिए क्या करना चाहिए इसे भी हमारे संविधान में बताया गया है। यही हमारे कर्तव्य हैं। 
शुभी : हम यह सब कैसे कर सकते हैं?
रितेश : दूसरे के अधिकारों की रक्षा करके और लोगों की भावनाओं का सम्मान करके, आदि।
शुभी : इसका मतलब है कि हमें अपने साथ-साथ दूसरों का भी ख़्याल रखना चाहिए। 
रितेश : हाँ शुभी, ऐसा करने से देश मज़बूत होता है ।
शुभी : इससे देश कैसे मज़बूत कैसे होता है? 
रितेश : शुभी, तुमने बहुत अच्छा सवाल पूछा है। क्योंकि, देश लोगों से बनता है। लोग मज़बूत होंगे तो देश मज़बूत होगा। 

 

नोट :

यह लेख 'Celebrating Independence Day' का संशोधित संस्करण है। जो उत्तर-प्रदेश बोर्ड की कक्षा 6 की अंग्रेज़ी की पाठ्य पुस्तक का हिस्सा है। इस लेख का अंग्रेज़ी से अनुवाद और संशोधन मनीष पटेल ने किया है।